Ziyarat E Nahiya In Hindi Portable -

"Falan dabhoka atshana..." "پس انہوں نے آپ کو پیاسا ذبح کیا۔ آپ کو خاک پر تڑپتا ہوا چھوڑ دیا۔ آپ کے خیموں کو لوٹا گیا اور اہل بیتؑ کو قیدی بنایا گیا۔" امامِ زمانہؑ فرماتے ہیں:

ज़ियारत-ए-नाहिया केवल शोक का वर्णन नहीं है, बल्कि यह इस्लामी इतिहास और बलिदान का एक विस्तृत विवरण है:

अल्लाहुम्म इननी अना ज़ाइलुक, फअ्ज़ल ज़ियाराती, व अना आरीफु बिलवफा, लिय वलातुक। ziyarat e nahiya in hindi

"आप अकेले थे, न कोई मददगार था, न कोई मदद करने वाला। आपने अपने पवित्र कंठ से पानी मांगा, लेकिन जालिमों ने आपको शहादत का जाम पिला दिया।"

Reciting these lines connects the believer to the historical sacrifice: "Falan dabhoka atshana

ज़ियारत-ए-नाहिया की मुख्य विशेषताएं और विषय वस्तु

यह ज़ियारत इमाम अल-महदी (अ.त.फ़.श.) से संबंधित है और उनके चार विशेष प्रतिनिधियों में से एक के माध्यम से हम तक पहुँची है। इसे प्रमुख विद्वानों जैसे शेख अल-मुफीद और अल्लामा मजलिसी ने अपनी पुस्तकों में स्थान दिया है। व अना आरीफु बिलवफा

مصائبِ کربلا کا واسطہ دے کر مانگی جانے والی دعائیں کبھی رد نہیں ہوتیں۔ مشکل ترین وقت میں اس زیارت کا ختم بہت مجرب مانا جاتا ہے۔